सूर्य राशि मार्गदर्शिका

मिथुन में सूर्य

सूर्य राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय सूर्य होता है। सामान्य पश्चिमी सायन सूची में मिथुन की तारीखें लगभग 21 मई से 20 जून हैं। वैदिक निरयण गणना का आधार अलग है; इन तारीखों को सीधे वैदिक सूर्य राशि न मानें।

वैदिक अर्थ और उसका संदर्भ

मिथुन का स्वामी बुध है, जिसका पारंपरिक संबंध भाषा और सीखने से है। यहाँ सूर्य की चर्चा विचार रखने, सवाल पूछने और ज्ञान इस्तेमाल करने के विषयों से होती है। बुध की वास्तविक स्थिति वह संदर्भ देती है जो केवल सूर्य राशि नहीं दे सकती।

मिथुन के जुड़वाँ प्रतीक का अर्थ झूठ, दोहरा व्यक्तित्व या मानसिक बीमारी नहीं है।

एक सरल उदाहरण

मान लें आप मित्र को कठिन बात समझा रहे हैं। एक साफ उदाहरण दें और पूछें कि क्या अब भी उलझन है। यह बुध से जुड़े प्रतीक का व्यावहारिक उपयोग है; मिथुन सूर्य से भाषा-कौशल या पेशा निश्चित नहीं होता।

अपने लिए एक प्रश्न

पहले ध्यान से सुनने पर आप कौन-सी बात अधिक स्पष्ट कह पाएँगे?

सूर्य राशि, चंद्र राशि और लग्न अलग हैं

जन्म राशि का अर्थ वैदिक जन्म-वाचन में प्रायः चंद्र राशि होता है। सूर्य राशि सूर्य की स्थिति बताती है। लग्न जन्म समय पर पूर्व दिशा में उदित राशि है। इसलिए एक ही व्यक्ति की ये तीनों राशियाँ अलग हो सकती हैं।

अयनांश सायन और निरयण राशिचक्र के बीच का अंतर है। Anantrix की सामान्य वैदिक गणना लाहिड़ी अयनांश इस्तेमाल करती है। राशि की सीमा के पास जन्म हो तो जन्म-वर्ष और समय महत्वपूर्ण हैं; केवल तारीखों की सूची पर्याप्त नहीं।

दो लोगों का सूर्य एक राशि में हो सकता है, फिर भी सूर्य का भाव, अन्य ग्रहों से संबंध और पूरा चार्ट अलग होंगे। किसी एक राशि से जीवन की घटना या व्यक्तित्व तय न करें।

अपनी चंद्र राशि अलग से जानें

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प्रकाशक: Anantrix। उदाहरण परंपरा को समझाने के लिए हैं; वे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित व्यक्तित्व-परीक्षण या भविष्यवाणी नहीं हैं।