27 नक्षत्र

निरयण राशि-चक्र के 27 भाग नक्षत्र कहलाते हैं। हर नक्षत्र 13°20′ का होता है और परंपरा में उसका स्वामी ग्रह, देवता और प्रतीक माना जाता है। जन्म के समय चंद्रमा जिस भाग में था, वही जन्म नक्षत्र है। वैदिक परंपरा इसका उपयोग स्वभाव की व्याख्या, मिलान और विंशोत्तरी दशा की गणना में करती है। इससे जीवन की घटनाएँ निश्चित नहीं होतीं।

अपनी जन्म तारीख, समय और स्थान से अपना नक्षत्र और उसका चरण जानें।

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खाता बनाने की ज़रूरत नहीं। अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र और चरण देखें।

अपना नक्षत्र कैसे जानें?

चंद्रमा की स्थिति निकालने के लिए जन्म तारीख, स्थानीय जन्म समय और जन्म स्थान दें। यदि उस दिन चंद्रमा नक्षत्र बदलता है तो केवल तारीख से सही नक्षत्र तय नहीं होगा। दुनिया में कहीं भी जन्म हुआ हो, गणना की पद्धति एक ही है।

निःशुल्क वैदिक जन्मपत्री के बारे में पढ़ें और खाता बनाने से पहले जानें कि गणना में क्या शामिल है।

क्या नक्षत्र और चंद्र राशि एक ही हैं?

नहीं। 12 राशियों में हर राशि 30° की होती है। 27 नक्षत्रों में हर नक्षत्र 13°20′ का होता है। दोनों चंद्रमा की स्थिति को अलग विस्तार से बताते हैं। हर नक्षत्र के चार चरण भी होते हैं।

रिश्तों से जुड़े प्रश्नों के लिए दो नक्षत्रों की तुलना करें और समझें कि किन मिलान कारकों के लिए सटीक जन्म विवरण चाहिए।