सूर्य राशि मार्गदर्शिका

कुंभ में सूर्य

सूर्य राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय सूर्य होता है। सामान्य पश्चिमी सायन सूची में कुंभ की तारीखें लगभग 20 जनवरी से 18 फरवरी हैं। वैदिक निरयण गणना का आधार अलग है; इन तारीखों को सीधे वैदिक सूर्य राशि न मानें।

वैदिक अर्थ और उसका संदर्भ

शास्त्रीय वैदिक ज्योतिष में कुंभ का स्वामी शनि है। सूर्य की चर्चा यहाँ निजी उद्देश्य को समूह और साझा जिम्मेदारी से जोड़ती है। शनि की वास्तविक स्थिति दो व्यक्तियों के चार्ट में फर्क समझाती है।

कुछ पश्चिमी पद्धतियाँ यूरेनस को स्वामी कहती हैं; यहाँ शनि का शास्त्रीय स्वामित्व है। बिना बताए दोनों को मिलाना भ्रम पैदा करता है।

एक सरल उदाहरण

टीम के काम में पूछें कि कौन-सा नियम सबकी मदद करता है और किसे बदलना चाहिए। यह निजी उद्देश्य और साझा व्यवस्था का उदाहरण है। हर कुंभ सूर्य वाला व्यक्ति अनोखा या एक ही पेशे के योग्य होता है, ऐसा नहीं।

अपने लिए एक प्रश्न

अपनी मान्यताएँ स्पष्ट रखते हुए समूह को कैसे योगदान दे सकते हैं?

सूर्य राशि, चंद्र राशि और लग्न अलग हैं

जन्म राशि का अर्थ वैदिक जन्म-वाचन में प्रायः चंद्र राशि होता है। सूर्य राशि सूर्य की स्थिति बताती है। लग्न जन्म समय पर पूर्व दिशा में उदित राशि है। इसलिए एक ही व्यक्ति की ये तीनों राशियाँ अलग हो सकती हैं।

अयनांश सायन और निरयण राशिचक्र के बीच का अंतर है। Anantrix की सामान्य वैदिक गणना लाहिड़ी अयनांश इस्तेमाल करती है। राशि की सीमा के पास जन्म हो तो जन्म-वर्ष और समय महत्वपूर्ण हैं; केवल तारीखों की सूची पर्याप्त नहीं।

दो लोगों का सूर्य एक राशि में हो सकता है, फिर भी सूर्य का भाव, अन्य ग्रहों से संबंध और पूरा चार्ट अलग होंगे। किसी एक राशि से जीवन की घटना या व्यक्तित्व तय न करें।

अपनी चंद्र राशि अलग से जानें

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प्रकाशक: Anantrix। उदाहरण परंपरा को समझाने के लिए हैं; वे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित व्यक्तित्व-परीक्षण या भविष्यवाणी नहीं हैं।