सूर्य राशि मार्गदर्शिका

कर्क में सूर्य

सूर्य राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय सूर्य होता है। सामान्य पश्चिमी सायन सूची में कर्क की तारीखें लगभग 21 जून से 22 जुलाई हैं। वैदिक निरयण गणना का आधार अलग है; इन तारीखों को सीधे वैदिक सूर्य राशि न मानें।

वैदिक अर्थ और उसका संदर्भ

कर्क का स्वामी चंद्रमा है। सूर्य की पारंपरिक व्याख्या यहाँ अपनापन, देखभाल और निजी आधार से जुड़ती है। चंद्रमा की स्थिति देखने पर एक ही सूर्य राशि वाले दो चार्ट बहुत अलग हो सकते हैं।

कर्क में सूर्य और कर्क में चंद्रमा अलग स्थितियाँ हैं। राशि एक है, पर ग्रह और उसका संदर्भ अलग है।

एक सरल उदाहरण

घर के किसी फैसले में देखभाल और सीमा दोनों पूछें: आप क्या सहायता दे सकते हैं और कहाँ साझा सहमति चाहिए? यह सोचने का अभ्यास है। केवल सूर्य राशि से परिवार का इतिहास या मानसिक स्वास्थ्य नहीं जाना जा सकता।

अपने लिए एक प्रश्न

किसी की देखभाल करते हुए अपनी जरूरतें स्पष्ट कैसे रख सकते हैं?

सूर्य राशि, चंद्र राशि और लग्न अलग हैं

जन्म राशि का अर्थ वैदिक जन्म-वाचन में प्रायः चंद्र राशि होता है। सूर्य राशि सूर्य की स्थिति बताती है। लग्न जन्म समय पर पूर्व दिशा में उदित राशि है। इसलिए एक ही व्यक्ति की ये तीनों राशियाँ अलग हो सकती हैं।

अयनांश सायन और निरयण राशिचक्र के बीच का अंतर है। Anantrix की सामान्य वैदिक गणना लाहिड़ी अयनांश इस्तेमाल करती है। राशि की सीमा के पास जन्म हो तो जन्म-वर्ष और समय महत्वपूर्ण हैं; केवल तारीखों की सूची पर्याप्त नहीं।

दो लोगों का सूर्य एक राशि में हो सकता है, फिर भी सूर्य का भाव, अन्य ग्रहों से संबंध और पूरा चार्ट अलग होंगे। किसी एक राशि से जीवन की घटना या व्यक्तित्व तय न करें।

अपनी चंद्र राशि अलग से जानें

आगे क्या पढ़ें?

प्रकाशक: Anantrix। उदाहरण परंपरा को समझाने के लिए हैं; वे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित व्यक्तित्व-परीक्षण या भविष्यवाणी नहीं हैं।